7 नए नियम होम डेकोर के
कमरा छोटा है तो उसमें लाइट कलर्स व लाइट फर्नीचर इस्तेमाल करें, फर्नीचर की एक सी स्टाइल देखने में अच्छी लगती है, विंटेज पीसेज को अपने मूल रूप में ही रखा जाना चाहिए..., इंटीरियर डेकोरेशन में अब तक इन्हीं नियमों का पालन किया जाता रहा है। लेकिन अब डिजाइनर्स प्रयोगधर्मिता की ओर भी बढ़ रहे हैं। वे मानते हैं कि थोड़ी रचनात्मकता और विशेषज्ञता के साथ पुराने नियमों को बदला जा सकता है और अपने घर की नीरसता को भंग किया जा सकता है। आइए देखें, होम डेकोर में कौन से नए प्रयोग किए जा सकते हैं। 1. पुराना नियम - कमरे में एक किस्म का ही वुड अच्छा लगता है।
नया नियम- अब डिजाइनर्स ऐसे किसी नियम को नहीं मानते। वुड मिक्सिंग से कमरा खूबसूरत लगता है, साथ ही अपनेपन का आभास होता है। यह ऐसी कला है, जिसमें महारत जरूरी है। इसके अलावा कुछ अन्य प्रयोग किए जा सकते हैं। चित्र में वुडेन फ्लोरिंग व कबर्ड्स वाले इस कमरे में मेडिटरेनियन स्टाइल का डायनिंग सेट है। मेटल चेयर्स व मार्बल टेबल टॉप के साथ सिल्क फैब्रिक के प्रयोग से एक रॉयल टच आ रहा है।
2. पुराना नियम- सबसे महत्वपूर्ण फर्नीचर तो सोफा ही है।
नया नियम- महत्व फर्नीचर का नहीं, डिजाइनिंग का है। सोफे के अन्य विकल्प भी हो सकते हैं। लिविंग रूम की ये स्टाइल बुरी तो नहीं!
3. पुराना नियम- कमरे में एक रग उसकी खूबसूरती बढ़ा देता है।
नया नियम-कमरा बड़ा है तो दो-तीन रग्स भी प्रयोग किए जा सकते हैं। कलात्मक रग्स घर की सुंदरता में चार चांद लगा देते हैं।
4. पुराना नियम- फर्नीचर एक जैसा हो। मॉडर्न व ट्रडिशनल को न मिलाएं
नया नियम- मॉडर्न स्टाइलिंग को पुराने क्लासिक शेंडेलियर्स, रेनेसां चेयर, पुरानी वुड कार्व्ड चेस्ट या पर्सियन रग के साथ मिक्स करके देखें। कंटेंपरेरी और क्लासिक स्टाइल की यह मिक्सिंग घर को ट्रडिशनल लुक देने के साथ ही उसे नया अंदाज भी प्रदान करेगी।
5. पुराना नियम -विंटेज पीसेज तो अपने मौलिक रूप में ही अच्छे लगते हैं।
नया नियम- मॉडर्न सेटिंग में विंटेज पीसेज सचमुच बहुत आकर्षित करते हैं। विंटेज पीसेज पर मॉडर्न टैपिस्ट्री इन्हें मोहक बनाती है। हर फर्नीचर ब्राउन ही हो, यह जरूरी तो नहीं। विंटेड पीसेज को भी अपने पसंदीदा रंग से पेंट किया जा सकता है।
6. पुराना नियम- स्पेस कम है तो फर्नीचर का साइज भी छोटा होना चाहिए।
नया नियम- छोटे कमरे में कलर पैलेट, ले-आउट व लाइटिंग पर ध्यान देना जरूरी है। यह भी सही है कि फर्नीचर बहुत हेवी लुक देने वाला न हो। अगर कमरा छोटा है तो इसमें एक-दो स्टाइलिश या कलात्मक पीसेज जरूर रखें। इससे कमरे के आकार के बजाय उसकी स्टाइल पर ध्यान जाएगा।
7. पुराना नियम- स्टाइल की भी मैचिंग जरूरी है।
नया नियम- फर्नीचर की मैचिंग के बजाय एक जैसी पॉलिश व फैब्रिक को-ऑर्डिनेशन से बात बन सकती है। चित्र में अलग-अलग स्टाइल के फर्नीचर पर कलर व फैब्रिक को-ऑर्डिनेशन देखें। नीले कुशंस पूरी सेटिंग को कॉम्पि्लमेंट कर रहे हैं।
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